Monday, September 6, 2010

मेरा बचपन 

मुझे आज भी वोह पल याद आते हैं 
जब मैं अपनी  माँ के आँचल में सोया करता था
जब मैं अपने नन्हे हाथों से अपने खिलोनों से खेला करता था
जब मैं अपने पापा के साथ झूला झूला करता था 

मुझे आज भी वोह पल याद आते हैं 
जब मैं बचपन में स्कूल जाया करता था
बस में बैठने से पहले रोया करता था
और घर आकर मम्मी से स्कूल की बातें करता था

उन पलों का क्या कहना जिनमें
मेरा रोज़ साइकिल खरीदने की जिद करना
उसे सीखने के लिए पापा के पीछे पड़ना
और सीखकर बहुत खुश हो जाना

बस इन्ही पलों को याद करता हूँ अब
न जाने यह पल अब होंगे कब??

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